Thursday, October 30, 2014

Bhagavad Gita study group in Hindi - September 2014


Month of September 2014, Gita study group we cover        
—  ३.३६ क्या मनुष्य पाप करना चाहता है?
—  अनिच्छन् अपि
—  न चाहता हुआ भी
—  ३.३७ मनुष्य से पाप कौन करवाता है?
—  काम एष:
—  यह स्वार्थ से भरी हुई इच्छा ही
—  ३.३८ हमारे ज्ञान को कौन ढक लेता है?
—  तेन इदं आवृतम्
—  स्वार्थ से भरी इच्छा से यह ज्ञान ढका रहता है
—  ३.४२ इंद्रियों से बलवान कौन है?
—  इन्द्रियेभ्य: परम् मन:
—  मन इंद्रियों से श्रेष्ठ है
—  ३.४३ मनुष्य कामरूपी शत्रु पर विजय कैसे प्राप्त करे?
—  संस्तभ्य आत्मानम् आत्मना

—  बुद्धि से मन को वश में कर के

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